⚠️ आयु सत्यापन

यह वेबसाइट वयस्क सामग्री (18+) प्रदान करती है। क्या आप 18 वर्ष या उससे अधिक आयु के हैं?

🔗 लिंक कॉपी हो गया!

Antarwasna.in

Hindi Sex Stories – हिंदी सेक्स कहानियाँ

शादीशुदा किराए वाली ने दी मौज - अंतर्वासना


सभी शादीशुदा परिपक्व महिलाओं को सलाम।

ये कोई काल्पनिक कहानी नहीं, मेरा पहला अनुभव जब जिंदगी के सबसे सुहाने लम्हे मिले।

शुरू से बड़ी उम्र वाली शादीशुदा औरतों में रुचि। शादी के बाद यौवन का निखार कमाल। चेहरा लालिमा, बदन भरा। कुंवारी में ये नही।

यही कारण शादीशुदा ज्यादा लुभातीं।

पिछले साल घर में नए किराएदार। शादीशुदा जोड़ा, शादी को साल भरा।

पति रोहन दवा कंपनी मैनेजर। पत्नी रीता स्कूल टीचर।

रीता का हुस्न... गोरा बदन, भरा शरीर, मोटे बूब्स लंड खड़ा कर दें।

देखा तो पागल। आग लगी, यौवन का मजा लूं। मौका ताकने लगा।

धीरे बात शुरू। पता चला पति अक्सर बाहर। दिल खुश।

रात खिड़की झांकता, नंगा बदन देखूं।

एक रात सेक्स देखा पति संग। आग लगी, चोदना है।

पति गया। इंतजार का दिन।

रात झांका तो रीता बीएफ देख चूत रगड़ रही। लंड खड़ा। मुठ मारी।

अगले दिन दोपहर कॉलेज से लौटा। घरवाले बाहर। सीढ़ी पर बैठा।

रीता आई।
“आशुतोष दोपहर बाहर क्यों?”
“घरवाले ताला मार बाहर, चाबी न ली।”
“मेरे कमरे आ जाओ।”

“कुछ चाहिए तो बोलो।” मन ही मन जो चाहिए कैसे बोलूं।
“यहीं बैठो, कपड़े बदल आती हूं।”

गाउन में आई, लंड खड़ा। बैठी बात।
“कॉलेज में सिर्फ पढ़ाई या मस्ती? गर्लफ्रेंड?”
हैरान, खुलकर।
“नहीं।”
“आजकल लड़के लड़की न सेट करो, जवानी कब जियोगे।”
टांग ऊपर, गोरी चिकनी जांघें। नजर टिकी।

“कल खिड़की झांकना ठीक नही।” मुठ देख लिया। तय किया, हाथ जांघ पर।
“तुम्हें देख आग लगी। एक बार सेक्स चाहता हूं।”
“तो बात ये!”
हाथ अंदर।

“शादीशुदा पर नजर शर्म की बात।”
घबरा हाथ खींचा, उठा। लंड तड़प रहा।

रीता ने पैंट बाहर से पकड़ा, “नजर से कुछ नही, हिम्मत चाहिए।”
“मौका दो, दिखाऊंगा।”
“देर किसकी! शुरू हो जाओ। अकेलापन काटता, पति फुर्सत नही।”

होंठ चूमा। हाथ गाउन में, मोटे मम्मे दबाए।

जिप खोली, लंड बाहर, हिलाया।

चूमते बेडरूम। बेड पर लिटाया, पैंट उतारी।
“बाप रे! इतना बड़ा! बीएफ में भी नही।”
“सात इंच मोटा।”

“लंड संग ये पसंद।” मुंह में लिया, चूसा।
मजा आया। जोर से चूसी। लंड कसा।

15 मिनट चूसा। सांस तेज। मुंह हटाया, वीर्य गाउन पर।

“इतने में झड़ गए।”
“दस बार झड़ूंगा। अभी तना। अब तुम्हें चरम दिखाऊंगा।”

गाउन उतारा, अंदर कुछ न। लिटाया, मम्मे मुंह में, चूसे। सिसकियां। चुचुक सुजे।

“बस मम्मे चूसोगे?”
होंठ चूमा।
“होंठ काटने में मजा?”
“देखो कहां काटता हूं।”

चूमते नीचे। पेट, चूत सहलाई। उंगली रगड़ी। गरम। सिहरन।
“झड़ी कभी?”
“औरतों का नही।”

“झड़ता है, फीमेल ऑर्गेज्म। आनंद कमाल।”
“करके दिखाओ।”

रगड़ा। गर्मी। आवाजें। उंगली जी-स्पॉट। मम्मे चूसे। तेज।
“और जोर... चोद फाड़ दो!”

लंड चूत पर रगड़ा।
“फाड़ दो!”

झटका, पूरा अंदर।
“मां! तार कर दो!”

अंदर बाहर। सिसकियां। होंठ सील, तेज झटके। फच फच।

बدن अकड़ा। झटके। जकड़ा, “मर गई...” पानी झड़ा।

झटके जारी। चरम पर। वीर्य छोड़ा। जकड़े।

शांत। लिपटे चूमें।

“ये सुख कभी न भूलूं। झड़ना जाना। आगे भी चाहिए।”

कई दिन मजा लिया।

ट्रांसफर हो गया।

अब अकेला। शादीशुदा भरी औरत तलाश।

Kahani padhne ke baad apne vichar comments mein zaroor likhein – Rajesh Kumar

और कहानियाँ पढ़ें