“सौभाग्यशाली प्रोजेक्ट मार्गदर्शिका-२” में पढ़ा प्रियंका ने कैसे मूर्ख बनाया।
‘उत्कंठित शक्तिशाली प्रेमी’ संज्ञा दान उपरांत कान फुसफुसा “तुम्हारे चित्र अंजलि ने देखे…मैं बताऊंगी तो जल जाएगी…बाय सर!”
“ध्यान रखना!” किंकर्तव्यविमूढ़।
फिर अंजलि मासूम मुख नेत्राग्र। होठ भेद मुस्कान।
अंजलि हिरणी नेत्र गोल मासूम बालक सम। बालक सम दृष्टि।
किंतु प्रियंका वचन पश्चात् अंजलि ने पूर्ण तनित प्रचंड लंड ललचाये देखा, निगाह नीयत दृष्टि परिवर्तन।
अब मासूम कम भरा गदराया तन अधिक। हिरणी नेत्र कामुक। कल्पना स्तन महता गोल। नितंब पुष्ट मुलायम। टांग चिकनी केले तना।
होठ रसीले। निहार पर निमीलन। नेत्र परिवर्तन। शशि प्रियंका स्वयं गिरी अंजलि भी गिरेगी लंड चित्र दृष्टि।
शशि प्रियंका कथाएं सुनाईं संभव। किंतु अंजलि मासूम प्रथम पाद न।
एक दिन प्रयोगशाला तिन्का सत्र। अंजलि अकस्मात् ‘क्षमा’ टॉयलेट। नितंब दृष्टि निहार।
शशि प्रियंका मुस्कृत झेंप।
शशि- प्रयास करो…भिन्न शर्मीली…किंतु सफल।
कार्यालय संभाषा न- कार्य!
किंतु इच्छा तीव्र।
शनिवार अकेली- रविवार क्या?
“फैंटेसी पार्क!” हैदराबाद से दस-बारह किमी मनोरंजन उद्यान जॉय वाटर।
“प्रेमी सह?” भेद मुस्कान।
“नहीं परिवार…”
प्रसन्न।
रविवार प्रातः स्नान नाश्ता पिकनिक थैला फैंटेसी पार्क।
लेजर क्रेजी टरमाइट विविध बेमन। अंजलि अन्वेषण। पिछवाड़ा आकर्षक त्वरित नेत्र। ग्यारह भीड़ जिगजैग राइड। चक्कर पश्चात् फाउन्टेन हाथ। उतर गौर अंजलि परपल शॉर्ट स्कर्ट पीकॉक टॉप कामुक।
फटाफट पास।
“सर यहां?”
“ढूंढता आया…” मुस्कान।
नेत्र सिकुड़ इराद ज्ञान। होठ मुस्कान।
“परिवार अज्ञात रहें!”
“हां!”
सार्वदिवस सह वाटर मजा। प्रारंभ कमर जल घुटना नितंब घर्षण। पांच बार ऑब्जेक्शन न इग्नोरेंट घुटी।
शाह बीच घुटना चूत। प्रथम चिहुंक। भीड़।
अध घंटा। पहेली इच्छा?
सिलसिला नितंब चूत स्तन स्पर्श। जल लावा लंड प्रचंड लोहा। मुट्ठ तीव्र सार्वजनिक।
चार बजे लहरें समुद्र तट कृत्रिम। गले जल तैरन।
बहा कमर नीचे संरक्षण दुर्दांत न दृष्टि। लहर गोता लंड कसाव। ऊपर न दृष्टि।
द्वितीय गोता अंडरवियर खींच लंड हस्त नाजुक स्त्री। ऊपर शोर। तैराक न दीर्घ सांस उस्तादि।
फेफड़े गोता नेत्र खुल बाल साया लंड पकड़ बाल ग्रहण ऊपर चेहरा अंजलि! फटी आंख।
मंद शोख मुस्कान लंड पकड़ छाती जल भीगी कामुक बाल गाल होठ। चूम इच्छा भीड़।
फुसफुसा “चूमना चाहता!”
“यहां नहीं…भीड़ कजिन!”
“कोई न!”
“गोता?”
“उत्तम!”
सांस गोता होठ चुक्ष जिह्वा नेत्र बंद जल प्यास।
सांस ऊपर दूरी शक न। दूर इशारा गोता चुंबन स्तन दाब चूत दरार सहल। पंच-षट्क बार।
नया विचार।
डूब इशारा लंड बाह्य खड़ा बाल पकड़ मुख लंड। सांस रोक चुक्षमाण।
रोमांच भीड़ शोर नीचे अंधकार अंजलि आठ इंच बेसाख्ता निगल। तैराक सकर बेकाबू।
अंजलि बाहर इशारा फेफड़े गोता गदर टांग अंडरवियर सरक चिकन शेव्ड पकौड़ा दरार लहर हिल। नितंब ग्रहण जिह्वा नोक फिराय कम्पन चौड़ी निमंत्रण।
जिह्वा गुसेड़ भग्नास कुरेड़ चूतड़ हिल सांस ऊपर दूर।
चेहरा बेचैन अधूरा प्यासी।
सायरन कपड़े। अंजलि नेत्र अतृप्त आमंत्रण।
बेमन चेंज शाम छह लॉकर बाहर प्यासा।
पार्किंग बाइक स्टार्ट साया पीछे कस “जल्दी!”
अंजलि।
गियर उड़ चिपकी उरोज पीठ गर्मी सिहरन होठ गर्दन बेचैनी। रोक इच्छा।
“कहां?”
“सर घर!” न बहाना न लिफ्ट। अधूरी प्यास शर्म न।
स्त्री समर्पण। मन तन।
बाइक हवा घंटा अर्ध तय घर साढ़े छह।
द्वार बंद लिपट बरस प्यासी उरोज निचोड़ बाल चेहरा होठ गर्दन कम्पन शशि प्रियंका न। तड़प।
हस्त नितंब सहल।
लंड अकड़ पैंट फाड़। चूत उभार रगड़। चेहरा हट रस प्याले लब। निचलांग कपड़ ऊपर चुंबन।
अंजलि जब्त न हस्त नीचे बटन पैंट गिर अंडरवियर ऊपर जायजा चित्र अंग। आंख बंद चूम।
नाजुक अंडरवियर सरक दबोच लसलसी बूंद उंगली घिर्री फिराय।
कामोत्तेजक जादू संवेदन स्पॉट।
हर जगह चूमा गाल होठ कनपटी कान गला कांख पीठ दरार चुचुक नाभि नितंब पिछवाड़ा जांघ पिंडली तलवा रान।
योनि जानबूझ छोड़!!!
उतेजना आह कराह सिसकारी सहन हद ज्वालामुखी।
अकस्मात् बाल पकड़ जांघ मध्य नाक टकर ऐंठ कूल्हे अंडरवियर नम खुशबू स्कर्ट उठ सरक शफ्फाक चिकन पकौड़ा घुंडी चीरा झरना।
नितंब थाम घुंडी कुरेड़।
उछल घटक। जिह्वा चौड़ा दरार।
बाल पकड़ सर दबाय।
तर्जनी थूक योनि अंगुली लंड सम हिल।
सर उठ मासूम बंद नेत्र प्यार अंगुली हिल खड़ा होठ चुक्ष।
तनित लंड रान टकर।
एहसास लंड पकड़ योनि रगड़ कामरस अंगुली निकाल एक टांग कमर लपेट द्वार खुल।
हस्त गर्दन दूसरा पैर जकड़ चूतड़ हिल। हस्त पट फैल लंड अग्र योनि।
कमर पीछे आगे सुपाड़ पट अंदर “आह” चिपट। त्रिंशत् सेकंड नितंब हिल दस मिनट पनीली रफ्तार धप्प।
इंच सम पूर्ण जड़ टट्टे बाहर टकर शिकायत।
बीस मिनट धाप पंद्रह-बीस भींच चिपट।
हस्त पैर स्तन भींच।
लंड हिल प्रयास।
जोर भींच निढाल पकड़ लंड फंसा बिस्तर मिशनरी।
पांच मिनट जोर धक्के गांड उछाल दस मिनट फूल पिचक धक्का बच्चेदानी पिचकारी भरभरा।
कस बांह चूत संकुचन कतरा निचोड़ फुसफुसा “प्रियंका अतिशयोक्ति न!”
धन्यवाद शशि प्रियंका अंजलि… समाज सेवा सिखा। आज भी रवानी जवानी लंड जल।
Kahani padhne ke baad apne vichar comments mein zaroor likhein – Karan Mehta