पुणे में दोस्त की सैटिंग की चुदाई
चालू भाभी की गरम चुदाई का मजा मुझे गाँव की एक भाभी ने दिया. वह मेरे दोस्त की चुदाई पार्टनर थी. उसने हमारी दोस्ती करवा दी और वह मुझे चुदाने लगी.
नमस्कार दोस्तो, मेरा नाम मंगेश (बदला हुआ) है.
यह मेरी पहली सेक्स कहानी है, तो कुछ गलती हुई तो माफ कर देना.
चालू भाभी की गरम चुदाई का मजा लेने में आगे बढ़ने से पहले मैं अपने बारे में थोड़ा बता देता हूँ.
मैं एक गांव का लड़का हूँ.
मेरी कॉलेज की पढ़ाई गांव के पास के ही एक छोटे शहर में हुआ था.
मैंने कालेज में भी बहुत सी लड़कियों की सील तोड़ी है.
मेरी बॉडी भी अच्छी है.
मैं बोलता बहुत हूँ तो मुझे हंसी मजाक बहुत करने की आदत है.
आज तक मैं गांव में भी … और शहर में भी बहुत लड़कियों के अलावा भाभियों को भी चोद चुका हूँ.
मेरे लंड का साइज बहुत बढ़िया है तो किसी भाभी के साथ एक बार भी सेक्स किया तो वह भाभी दोबारा बुला ही लेती थी.
पहली बार चुदने वाली लड़कियों की तो चीखें ही निकलती थीं.
फिलहाल दो साल के कोरोना काल के बाद से मैं पूना में जॉब कर रहा हूँ.
मेरा जॉब पुणे से तीन घंटे की दूरी पर स्थित एक गांव में रहना पड़ रहा था.
मेरा यह गांव पूना से 150 किलोमीटर दूर है.
मैं जब गांव में था तो मेरे एक फ्रेंड विशाल ने मुझे उसके यहां लगने वाले मेले में बुलाया था.
विशाल मेरा बहुत अच्छा दोस्त है.
हम लोग आपस में सब कुछ शेयर करते हैं.
कई बार हम दोनों ने मिल कर लौंडिया चोदी है.
मैं अपने दोस्त के पास आया और उस गांव के मंदिर में दर्शन के लिए चला गया.
वह दोपहर का समय था.
उस मंदिर में विशाल को उसकी फ्रेंड शीनल दिखी जो शादी-शुदा थी.
वे दोनों भी बहुत दिनों बाद मिले थे.
शीनल ने अपने बेटे के लिए मन्नत मांगी थी तो वह उसी के लिए प्रसाद बांट रही थी.
जब उसे हम दोनों दिख गए तो वह हमसे बात करने लगी.
उसकी नजर मेरे ऊपर कुछ खास टिकी थी.
मैं भी उसे देख रहा था और वह भी.
थोड़ी देर बाद उसकी सास आ गई तो वह साइड में चली गई.
हम दोनों भी दर्शन करके चले गए.
उसके बाद रात को मैं अपने गांव चला आया.
दो दिन बाद मैं फिर अपने विशाल से मिलने गया तो विशाल अपनी गर्लफ्रेंड से कॉल पर बात कर रहा था.
उसी वक्त शीनल भी कॉल करने लगी.
तो उसने मुझे बता दिया कि शीनल का कॉल आ रहा है. तू उसे कॉल करके बोल दे.
विशाल को पता था कि मुझे क्या चाहिए?
उसने मुझे उसी दिन कहा था कि यह माल तुझसे पट जाएगी.
उस दिन मुझे उससे बात करने का बहाना भी मिल गया.
तो मैंने उसे कॉल किया और अपनी पहचान बता दी कि हम दोनों परसों मिले थे.
वह पहचान गई और हंस कर बात करने लगी.
मैंने उससे कहा- विशाल अभी थोड़ा परेशान है, वह अपने गर्लफ्रेंड से फोन पर बात कर रहा है.
कुछ ही देर में वह मेरे साथ सहज हो गई.
मैंने उसके साथ कुछ मिनट बात की और फोन रख दिया.
बाद में विशाल मुझसे बोला- वह तुझे रात को जरूर मैसेज करेगी.
विशाल ने मुझे उसके शीनल के साथ के अफेयर के बारे में बताया.
वह मुझसे बोला कि उसे पटा ले और चोद डाल. वह तुझसे चोदने के लिए जरूर हां कह देगी. साली पक्की छिनाल है.
शीनल पुणे में अपने पति के साथ रहती थी.
मैं कुछ देर बाद अपने घर चला गया और अपने काम में बिजी हो गया.
विशाल सही था, रात को 7 बजे शीनल का मैसेज आ गया.
हम दोनों ने थोड़ी बातें की और मैं सो गया.
दूसरे दिन उसका मैसेज फिर से आ गया, तो मैंने सोचा कि अब मेरा काम होने वाला है.
हम दोनों ऐसे ही बातें करने लगे.
कुछ देर बाद वह अपने काम से चली गई.
थोड़े दिन चैट चली और उसके बाद मैंने उससे कहा- हम दोनों मिल लेते हैं!
वह नखरे करने लगी- अरे ऐसे कैसे मिल सकती हूँ … मेरे पति होंगे. मैं नहीं मिल सकती.
पर मैं कहां रुकने वाला था.
मैं उसके साथ धीरे-धीरे सेक्सी चैटिंग करने लगा और हम फोन पर ही सेक्स की बातें करने लगे.
उसका लड़का डेढ़ साल का था और लड़की 3 साल की थी.
उसका पति सुबह 8:00 बजे काम पर जाता था और रात को देर से आता था.
अब वह मुझसे दिन में किसी भी समय बात करने लगी.
जब वह नहाने जाती थी तो मुझे वीडियो कॉल करने लगी और अपने बूब्स दिखाने लगी, अपनी गांड चूत दिखाने लगी.
मैं खुद उसे देखते ही लंड हिलाने लगा था.
वह थोड़ी मोटी थी.
मुझे तो पहले से ही मोटी और भरी हुई औरतों की लेना अच्छा लगता है.
उसकी बॉडी एकदम सफेद दूध के जैसी मस्त थी.
वह बोलने लगी- मैं तुमसे बहुत प्यार करती हूं. मेरा पति रात को मुझे चोदता है, तो मुझे लगता है कि तुम ही मुझे चोद रहे हो. मुझको मेरे पति में तुम्हारा चेहरा दिखने लगा है.
जब उसने यह कहा तो मैंने कहा- अब तुम मुझे दिखने वाला नहीं, चोदने वाला बना लो!
वह हंसने लगी और इसी तरह से हम दोनों के बीच नंगी चुदाई की बातें चलने लगीं.
मैं भी उसे अपना लंड दिखाने लगा था और वह भी अपनी टांगें खोल कर चुत में कुछ कुछ डाल कर मुठ मार कर दिखाने लगी थी.
ऐसे ही 20 दिन तक चलता रहा.
वह दिन में किसी भी समय वीडियो कॉल कर लेती और वीडियो कॉल पर अपनी चूत में उंगली करके मुझे उकसाने लगी थी.
अब वह कहती कि मैं जल्दी से आ जाऊं और उसकी चूत चोद दूँ.
मैं भी कह देता कि हां तुम मुझे बुलाओ, मैं आकर चोद दूंगा.
अब बस मिलना बाकी रह गया था.
उन्हीं दिनों मेरी एक भर्ती होने की सूचना आई, उसके लिए मुझे मुंबई जाना था.
मैं वहां चला गया और वापस आते वक्त पुणे में अपने दोस्त के घर रुक गया.
दूसरे दिन में मैंने शीनल के साथ प्लान बना लिया कि हम दोनों मिलेंगे.
अगले दिन मैं सुबह जल्दी उठा और तैयार होकर निकल गया.
क्योंकि मेरे पास बाइक नहीं थी, तो मैं बस से ही जाने वाला था.
उसके घर के पास वाले बस स्टॉप पर उतर कर उसके आने का इंतजार करने लगा.
कुछ ही देर में वह भी आ गई.
वह इतनी जोरदार तरीके से सज-धज कर आई थी कि उसे देख कर मेरा लंड खड़ा होने लगा.
मुझे ऐसा लगने लगा था कि उसे वहीं पर एक कोने में ले जाकर चोद डालूं.
उसके साथ उसके दोनों बच्चे भी आए थे तो मुझे जरा असहज लग रहा था.
हालांकि मेरे लिए यह एक सुरक्षित बहाना भी था कि हम लोग एक फ़ैमिली हैं.
हम दोनों उधर पास में ही बने एक गार्डन में घूमने के लिए चले गए.
हमारे के साथ उसके दोनों बच्चे भी थे.
मैंने बच्चों के लिए चॉकलेट और शीनल के लिए चॉकलेट फ्लेवर ले गया.
हमने वहां बहुत मजे किए.
हम दोनों वहां पर हाथ में हाथ लिए घूम रहे थे.
वहां पर घूमने के बाद हम दोनों उसके घर पर आ गए.
उसके बच्चे थके हुए थे तो सो गए.
हम दोनों ने हमारा काम चालू कर दिया.
उसने सुबह ही खाना बनाया था तो वह एक थाली में खाना लगा लाई.
हम दोनों ने एक साथ खाना खा लिया और ऐसे ही बैठ कर बातें करने लगे.
मेरा मन बातों से भरने वाला नहीं था.
मैंने उससे थोड़ा पानी मांगा तो वह किचन में चली गई और उधर ही कुछ देर रुक कर ऐसे ही टाइम पास करने लगी.
मैं भी उसके पीछे चला गया और उसे पीछे से दबोच लिया.
वह कुछ नहीं बोली.
मैं उसकी गर्दन पर ही पीछे से किस करने लगा.
मेरी सांसें भी अब बहुत गर्म होती जा रही थीं और उसकी भी.
मैंने उसे पलट कर सीधा करते हुए अपने सामने कर लिया और उसके होंठों पर किस करने लगा.
वह भी मुझे जोर से पकड़ कर लग गई और किस करने लगी.
दस मिनट तक हम दोनों किस करते रहे.
मैं उसे अपनी गोद में उठा कर अन्दर उसके कमरे के बेड पर ले गया और उधर ही पटक दिया.
उसके बच्चे हॉल में सो रहे थे.
मैंने दरवाजा भी बंद किया कि हमारे शोर से वे उठ ना जाएं.
उसे बिस्तर पर पटकने के बाद मैं उसके ऊपर चढ़ गया और उसे किस करने लगा.
उसके गाल पर किस किया, उसकी गर्दन पर किया.
उसकी वासना बहुत ही तेजी से बढ़ रही थी.
किस करते हुए ही मैं उसके मम्मों को उसके कपड़ों के ऊपर से दबाने लगा.
मैं उसकी दोनों टांगों के बीच में था.
मैंने उसके ऊपर के कपड़े निकाल दिए और जल्द ही उसके मम्मों को नंगा कर दिया.
उसके मम्मे जबरदस्त कड़क थे.
मैं उसके मम्मों पर टूट पड़ा; उन्हें मसलने लगा और पीने लगा.
उसका दूध निकलना अभी चालू था तो मैं उसके दूध को पीने लगा.
उसे भी बहुत मजा आने लगा.
उसने मुझे अपने मम्मों को बहुत कस कर जकड़ लिया.
मैं उसका एक दूध पी रहा था और एक जोर जोर से दबा रहा था.
दस मिनट बाद मैं उसके नीचे हाथ लेकर गया और चूत को स्पर्श ही किया था तो हाथ लगाते ही उसकी चूत का पानी निकल गया.
अब मैंने उसे पूरी नंगी कर दिया और उसने मुझे नंगा कर दिया.
मेरा मोटा लंड देखते ही वह खुश हो गई और बोली- फोटो में ही इसे देखती रही, आज हाथ में आया है.
उसके ऐसा कहते ही मैंने अपना लंड उसके मुँह में दे दिया और पूरा अन्दर धकेल दिया.
मेरा लंड उसके गले तक घुस गया.
उसने एकदम से लंड घुसने से उसे जल्दी से बाहर निकाल दिया और खांसने लगी.
उसकी आंखों से पानी आ गया.
वह चालू भाभी बोली- थोड़ा तो रुको, मुझे मार डालोगे क्या!
मैंने कहा- अभी तो मुँह में दिया है जान … तुम्हारी चूत में नहीं गया. जब चुत में जाएगा, तब क्या करोगी!
मेरे ऐसा कहते ही वह हंसने लगी.
मैंने उसे अपने ऊपर ले लिया और अपनी टांगों के पास ले आया.
वह आराम से मेरे लंड को मुँह में लेने लगी लेकिन पूरा लंड मुँह में लेने से मना कर रही थी.
मैंने अपने हाथों से उसके बाल पकड़ कर पूरा लंड उसके मुँह में डाल दिया.
वह भी मजे से लंड को 5 मिनट तक चूसती रही.
उसने उस दौरान बहुत तेज तेज करते हुए लंड चूसा, जिससे मेरा पानी निकल गया और उसने लंड का रस पी लिया.
मेरा लंड झड़ने के बाद भी खड़ा था.
कुछ मिनट बाद वह मेरे ऊपर आ गई और मेरी गर्दन पर किस करने लगी, मेरे सीने पर किस करने लगी.
फिर वह मेरे नीचे आ गई.
मैं अब फिर से उसके मम्मों पर टूट पड़ा, एक हाथ उसके चूत में डालने लगा.
वह बहुत गर्म होती जा रही थी.
मैं उसकी टांगों के बीच में आ गया और उसकी चूत को आराम से चाटने लगा.
मुझे भी चुत चाटने में बहुत मजा आने लगा.
उसे तो कुछ समझ नहीं आ रहा था, उसके मुँह से बस कामुक आवाजें आने लगी थीं- आह ऊह … अब बस करो … और अपना लंड डाल कर फाड़ डालो मेरी चूत को. प्लीज जल्दी डालो ना!
मेरा हथियार भी अब तक तैयार हो गया था.
मैंने अपने लवड़े की टोपी को उसकी चूत की मुँह पर रख दिया.
उसकी चूत फिर से गीली हो चुकी थी.
मैंने एक करारा झटका मारा और पूरा लंड उसके चूत में पेल दिया.
उस वक्त उसकी बहुत जोर से चीख निकली- आह मर गई!
मैंने झट से उसके मुँह पर हाथ रख दिया.
उसकी आंखों से फिर से पानी आ गया था.
मैं चालू भाभी की गरम चुदाई का मजा लेने में लगा रहा और उसकी चुत को लंड से मजा देने लगा.
धकापेल चुदाई चलने लगी और करीब बीस मिनट तक मैं उसे चोदता रहा.
उस दौरान वह दो बार झड़ चुकी थी.
मेरा स्खलन भी होने वाला था.
मैंने उससे बिना कुछ पूछे अपना पूरा माल उसकी चूत में डाल दिया.
शीनल ने भी बहुत मजे किए.
हम दोनों ने उठ कर अपने अपने कपड़े पहन लिए.
उस वक्त तक 4 बजे का समय हो गया था.
मुझे अब अपने घर जाना था, तो मैं तैयार होकर चलने लगा.
वह मुझसे कहने लगी कि एक बार और करते हैं. ऐसा मजा मुझे अभी तक कभी नहीं मिला.
पर मुझे अपने घर तक की बस की यात्रा में तीन घंटे लगने वाले थे.
मैंने उससे कहा कि हम दोनों जल्दी ही मिलेंगे.
मैं उसके घर से चला आया.
मुझे 5 बजे की बस मिली और मैं 9 तक घर पहुंच गया.
फिर एक महीना ऐसे ही निकल गया. वीडियो कॉल पर फोन सेक्स चलता रहा.
अब मेरा एक एग्जाम पूना में उसके ही इलाके में होना था.
उस वक्त मैंने 3 दिन का प्लान बनाया और उसके पास चला गया.
उस दौरान मैं उसे 3 दिन लगातार चोदता रहा.
फिर जब जब मुझे टाइम मिलता था, मैं पूना आकर उसे चोदता हूँ.
एक साल बाद उसके पति को कुछ प्रॉब्लम हो गई तो वे सब गांव चले गए.
अब शीनल का कॉल आना भी बंद हो गया.
उसके बाद मैंने अपने पास की ही एक भाभी को पटा लिया था.
उसे कैसे पटाया और चोदा, ये मैं अपनी अगली सेक्स कहानी में बताऊंगा.