मेरा नाम अजय है मुंबई निवासी, आयु चौबीस, आकर्षक। ऊंचाई पांच फुट आठ इंच, लंड छह इंच लंबा ढाई इंच मोटा, कसरती साफ रंग, इंजीनियरिंग छात्र।
आज प्रथम कथा प्रस्तुत।
बड़े भाई विवाह नवीन। प्रथम दृष्टि पूजा भाभी पर ठहर गई। फिगर चौंतीस-तीस-छत्तीस। अति कामुक। किंतु साहस न।
मेहमान दो दिनोपांत प्रस्थित किंतु चचेरी बहन रहीं। भाभी से वार्ता।
एक मास व्यतीत। ज्ञात बाद में भाभी प्रथम दिन पसंद।
शीत ऋतु कठोर शीत। एक दिन भाभी अस्वस्थ। सप्ताह दवा ले जाया। एक दिन मेहमान अधिक, स्थान अभाव मैं छोटा भाई भाभी एकत्र शयन।
रात्रि एक बजे जागा भाभी शीतग्रस्त। पूछा- क्या?
ठंड। रजाई ओढ़ा स्वयं सह शयन।
अकस्मात् शीर्ष मेरे आक्षेप। मनोकामना पूर्ण किंतु न किया। दो सप्ताह। चचेरी प्रस्थित एकाकी।
एक दिन एकाकी वार्ता। पूछा- भाभी विवाह पूर्व मैत्री?
नहीं।
तब पूछा- तुम्हारी गर्लफ्रेंड?
है!
मिले?
भाभी मिल चुका सेक्स भी।
क्या?
सेक्स।
शैतान! शरीफ समझती!
शर्म। भाभी स्नान।
चीख बाथरूम। पूछा- क्या?
गिर गई हिल न पा रही।
अंदर आता।
प्रविष्ट आंखें फटी। पैंटी ब्रा भूमि।
सहारा उठाया न उठी। गोद बेडरूम।
तन स्पर्श तपिश वासना नेत्र लाल। मौका तेल मालिश।
खुद कर लूंगी।
एक बार मैं फिर स्वयं।
ठीक।
तेल जांघ मालिश नेत्र बंद।
जांघां तक। उत्तेजना लंड उन्नत।
लंड पर स्पर्श। भाभी पजामा ऊपर सहला। गरमी अनुमान।
मौका ऊर्ध्व फ्रेंच किस सहयोग। कपड़े त्यक्त चुचियां क्रूर चुक्ष दाब।
सिसकार। लंड मुख निकट झटका मुख चोदन।
लंड निकाल ऊर्ध्व योनि मुख लंडाधान। दाहक।
प्रथम झटका चार इंच। दर्द मासोपांत न चूदी। होठ चुक्षन।
दर्द न्यून एक धक्का जड़। चीख मुख दब। अश्रु।
रुका चुचियां चूम उमेठ पान।
दर्द न्यून कूल्हे उत्तोलन चुदाई आनंद।
पूर्ण बाहर एक झटका ठोक।
त्रिंशत् मिनट चार जलोत्सर्ग।
झड़ने समीप- बाहर?
नहीं अंदर।
द्वि-चतुर्धक्क मेरा भाभी सह जलोत्सर्ग योनि पूर्ण।
दैनिक चुदाई भाई अज्ञात।
दोस्तों कैसी? प्रथम प्रयास भूल क्षमा। ईमेल प्रतीक्षा।
Kahani padhne ke baad apne vichar comments mein zaroor likhein – Vikram Singh