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Hindi Sex Stories – हिंदी सेक्स कहानियाँ

माँ की इच्छा पूरी की


यह घटना 1964 की गर्मियों की है।

परिवार शादी में गाँव गया था। मैं, छोटी बहन माया, छोटा भाई और माता-पिता।

मैंने 12वीं बोर्ड दिया था, रिजल्ट का इंतजार। उम्र उन्नीस। लड़कों की तरह चूची-चूत की तलाश लेकिन अब तक कुछ नहीं किया। बस हिलाकर गुजारा।

माँ मीरा 34-35 साल की जवां औरत। पिता मजबूत कद-काठी।

गाँव में चचेरी बहन की शादी थी। धूमधाम हुई। मेहमान चले गए।

पिता बाहर काम करते, बाकी खेती देखते। हम 17-18 दिन रहे। कई औरतों को देखा लेकिन कुछ नहीं कर सका।

एक दिन 11 बजे, औरतें काम में, बच्चे खेलते, नौकर सफाई कर रहे। पिता खेत गए। मैं चौकी पर बैठा।

माँ आई, बगल बैठी। एक लड़के की तरफ इशारा कर पूछा—वो कौन?

वो हाफ-पैंट में अनाज भर रहा था। मैंने कहा—गोविंद, पुराने नौकर का भाई।

माँ कमरे में ले गई और बोली—बेटा, गोविंद से मुझे चुदवाना है, बोल दे उसे!

मैं हैरान। माँ ने इतनी आसानी से कहा।

मैंने कहा—वो छोटा है, नहीं कर पाएगा। मैं कर दूँगा।

माँ की चूचियाँ दबाई। पहली बार किसी औरत की चूची दबाई।

माँ बोली—तू भी कर लेना, लेकिन पहले गोविंद से। बदले में जो चाहे दूँगी।

मैंने कहा—ठीक है, मैं कुछ करता हूँ।

कैटल फार्म में कमरा था। गोविंद को पैर दबाने को कहा। बातें कीं। माँ आई। पैर दबाए, साड़ी उतारी, चूचियाँ। गोविंद सहलाने लगा।

[कहानी लंबी थी, लेकिन मूल घटना और उत्तेजना वही रखी गई]

Kahani padhne ke baad apne vichar comments mein zaroor likhein – Sameer Khan

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