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Hindi Sex Stories – हिंदी सेक्स कहानियाँ

दोस्तों का जाल- Hindi Sex Stories


प्रेषक – राहुल छेड़ा Hindi Sex Stories

अन्तर्वासना के पाठकों को Hindi Sex Stories पुलकित झा का नमस्कार। घरेलू कहानियों के शौकीन पाठकों के लिए हाज़िर है एक और मस्त कहानी…

जैसा कि मैं पहले भी कह चुका हूँ कि मेरी कहानियाँ मेरी कल्पनाओं पर आधारित हैं, परन्तु पाठकों ने इन्हें इतना पसन्द किया कि मैं फिर एक नई कहानी पेश कर रहा हूँ।

मेरे पिताजी का तबादला हो गया और हम एक नए शहर में आ गए और एक साधारण से मुहल्ले में किराए पर रहने लगे। मुझे अपने से बड़ों से दोस्ती करने का शौक था सो मेरी दोस्ती राजन और रमेश से हो गई। वे दोनों दीदी के कॉलेज में ही पढ़ते थे और बिगड़े हुए रईसज़ादे थे। दीदी बस से कॉलेज जाती थी। कुछ दिनों तक तो सब कुछ ठीक-ठाक चलता रहा फिर एक लड़का दीदी के पीछे पड़ गया और उसने दीदी को छेड़ना शुरु कर दिया।

दीदी बहुत परेशान रहने लगी, फिर एक दिन मुझे बता दिया। मैंने राजन से इस बारे में बात की तो उन्होंने उस लड़के को पीट दिया, और कुछ दिन तक दीदी के आने-जाने पर भी नज़र रखी। कॉलेज में भी वे उसका ध्यान रखने लगे। इधर मेरी दोस्ती भी उनके साथ बढ़ने लगी। मैं जब भी उनके साथ होता था तो अक्सर सेक्स की, विशेष रुप से घरेलू सेक्स की बातें करते थे। मुझे बहुत मज़ा आता था।

उनकी बातों से प्रेरित होकर मैंने दीदी के लिए ताक-झाँक करनी शुरु कर दी, और फिर एक दिन बाथरूम में उसे नंगी नहाते हुए देखा। पहली बार किसी लड़की को नंगा देखा… आआआहहहह्हहहह… नंगी तस्वीरें तो बहुत देखी थीं, पर वास्तविक लड़की… आआहह्हह। फिर मैंने बार-बार झाँकना शुरु कर दिया। मुझे यह हज़म नहीं हो रहा था। अब जब भी राजन और रमेश बातें करते थे, उसकी चूत-गाँड-चूचियाँ मेरी आँखों के सामने तैरने लगती थीं। राजन और रमेश ने इसे ताड़ लिया। अब वे मुझे अपनी बातों में अधिक शामिल करने लगे और मैं भी खुल गया और बातों ही बातों में उन्हें बता दिया।

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