गर्लफ्रेंड को दिलाया दो लंड का मजा
Xxx सेक्सी लड़की फक स्टोरी में मई GF के साथ रहता था. हम दोनों को ग्रुप सेक्स का शौक था. मुझे दो लडकियां और मेरी गर्लफ्रेंड को दो लंड मजा देते हैं. ऐसी ही एक घटना.
नमस्कार दोस्तो, मेरा नाम ऋषभ है.
मेरी उम्र 23 साल है और मैं दिखने में ठीक-ठाक हूँ.
मैं चंडीगढ़ में अपनी गर्लफ्रेंड के साथ लिव-इन में रहता हूँ. हम दोनों रोज चुदाई करते हैं और जिंदगी के मजे लेते हैं.
आज मैं आपको अपनी एक सच्ची Xxx सेक्सी लड़की फक स्टोरी सुनाने जा रहा हूँ.
मेरी गर्लफ्रेंड का नाम सपना है, वह दिखने में थोड़ी मोटी है और इसी वजह से उसकी गांड बहुत ज्यादा गोल और बड़ी है.
उसके दूध भी बहुत बड़े बड़े हैं.
वह चूत चुदाई की बड़ी शौकीन है.
चूंकि हम दोनों लिव इन में रहते हैं तो अपनी हरेक बात एक दूसरे से साफ साफ साझा करते हैं.
उसे मेरी आदतें पता थीं कि मुझे एक साथ दो लड़कियों को चोदना पसंद है और मुझे उसकी पसंद मालूम थी कि वह मेरे सामने किसी दूसरे लड़के से चुदने को इन्जॉय करती थी.
हम लोग ऐसा कर भी चुके थे.
इस बात को लेकर हमारे बीच कोई समस्या नहीं थी.
वह मानती थी कि जिंदगी में सेक्स एक भोजन की तरह है.
जिस तरह से बदल बदल कर खाने का स्वाद लिया जाता है, उसी तरह से लंड चूत भी बदल बदल कर स्वाद लिया जाना चाहिए.
इस तरह से हम दोनों बिंदास जीवन जी रहे थे और सेक्स का खुल कर मजा ले रहे थे.
यह बात उस दिन की है जब सपना का बर्थडे था.
उस दिन हम दोनों ने घूमने का प्लान बनाया था.
हम दोनों अपनी स्कूटी से घूमने निकल गए और फिर मूड बन गया तो हम लोगों ने एक एक बीयर पी और चिकन रोल खाए.
अब सपना को चुदाई का मन हो गया.
तो वह मुझसे बोली- मेरा रोल से पेट नहीं भरा है, मुझे तुम्हारा रोल खाना है!
मैंने उससे कहा- तुम्हारा एक रोल से पेट भर जाएगा?
उसने भी अर्थपूर्ण तरीके से अपने होंठ गोल करते हुए वासना से कहा- मेरा पेट आज दो रोल से भर जाना चाहिए!
मैं समझ गया कि आज इसको दो लंड चाहिए.
मैंने उससे कहा- मेरा एक दोस्त है, जो कि थोड़ा छक्का किस्म का है. तुम चाहो तो उसके पास चलें?
उसने भी हां कह दिया.
हम दोनों ने एक मैजिक मोमेंट नामक वोदका की बोतल ले ली और उसके रूम पर आ गए.
उस लड़के का नाम अमित था.
वह हमें देख कर खुश हो गया.
हमेशा से ही वह मुझसे गांड मरवाना चाहता था लेकिन मैं कभी उसको भाव नहीं देता था.
अमित दारू नहीं पीता था लेकिन उस दिन जबरदस्ती उसको भी 4 पैग पिला दिए.
हम दोनों ने भी दो दो पैग पी लिए.
अब हमें अच्छा खासा नशा हो गया था.
मैंने सपना के एक एक करके सारे कपड़े उतार दिए.
अमित सब देख रहा था और वह अपने सामने एक लड़की को नंगी होते देख कर कामुक होता जा रहा था.
मैंने भी अपने सब कपड़े उतार दिए.
मेरा लंड देख कर अमित भी मूड में आ गया.
वह अपने घुटनों के बल बैठा और मेरा लंड चूसने लगा.
मैं सपना को अपने मुँह पर बिठा कर उसकी चूत चाट रहा था.
सपना भी अपनी कमर हिला कर चूत चुसवाने के मजे ले रही थी.
वह अपनी चूत चटवाती हुई बड़बड़ा रही थी- आह आह … चाटो, मेरी चूत अन्दर तक जीभ डालो.
मैंने अमित से कहा- ओए मीठे माल … चल अपनी बहन सपना की गांड चाट भोसड़ी के!
यह सुनकर सपना हंस पड़ी और बोली- हां आ जा मेरे मीठे भैया … मेरी गांड में घुस जा भोसड़ी वाले!
अमित को भी इस तरह से बुलाने पर कोई आपत्ति नहीं हो रही थी.
वह हँसता हुआ आया और सपना से बोला- चल दीदी, आज मैं तेरी गांड चाटता हूँ. बाद में तुम डिल्डो से मेरी गांड मार देना.
सपना को उसकी बात सुनकर बड़ा मजा आया.
वह बोली- ओए गांडू, तेरे जीजा जी भी इधर ही हैं … तू उनके असली लौड़े से अपनी गांड क्यों नहीं मरवा लेता!
अमित बोला- जीजा जी, कभी मेरी लेते ही नहीं हैं. बहन तुम कहो न प्लीज!
सपना उसके मुँह पर अपनी गांड घिसती हुई बोली- अच्छा पहले तू मेरी गांड गीली कर … बाद में मैं तेरे जीजू से बात करती हूँ भैया.
वह खुश हो गया और सपना की गांड में जीभ चलाने लगा.
उससे अपनी गांड चटवाने में सपना को भी मजा आ रहा था.
वह मजे से मेरा सिर और अमित का सिर अपनी चूत और गांड में देकर मजे ले रही थी- आह आहा … खा जाओ मेरी गांड और चूत को कुत्तों … चाट अमित … भैन के लवड़े … साले हिजड़े की औलाद … चाट मादरचोद … मेरी गांड को चाट हरामी … आह कितना मजा आ रहा है.
अमित ने मेरी गर्ल फ्रेंड की गांड इतनी प्यार से चाटी कि वह अपनी चूत से पानी छोड़ बैठी.
मैंने सपना की चूत से निकले रस को चाट लिया और अपना लंड सपना के मुँह में दे दिया.
उधर अमित उठा और सपना की चूत चाटने लगा.
फिर मेरा होने वाला था तो मैंने अपने लंड का पानी अमित के मुँह में दे दिया.
अमित ने मेरा और सपना का सारा पानी चाट चाट कर साफ कर दिया.
फिर मुझे और सपना को ज्यादा बीयर पीने की वजह से पेशाब लगने लगी.
सपना अपनी चूत मेरे मुँह पर रख कर मूतने लगी और मैंने अपना लंड अमित के मुँह में दे दिया.
मेरा सारा मूत अमित ने पी लिया और मैंने सपना का.
उसके बाद हम सबने दो दो पैग और लगाए.
मैं सपना की चूत पर दारू डाल कर चूत पीने लगा.
अमित सपना की गांड में दारू डालता और जीभ से गांड को चाट लेता.
इससे सपना को अपने दोनों छेदों में बहुत मजा आने लगा था.
वह बोल रही थी- आह मेरे राजा … आज तुम दोनों ने अपनी इस रंडी को बहुत मजा दे दिया है. मैं अब से तुम्हारी रंडी हूँ … तुम जैसे बोलेगे, मैं वैसे तुझसे चुदवाती रहूँगी. मुझे सिर्फ ऐसी ही रंडी बन कर रहना है.
उसके बाद मैंने अपना लंड अपनी रंडी की गांड में डाल दिया.
वह दर्द से रोने लगी, तो मैं रुक गया.
पर तभी सपना बोली- रहम मत कर … फाड़ दे मेरी गांड … खून निकाल दे इसमें से … आह चोद दे अपनी रंडी की गांड … आह आह मादरचोदो आहा आह मार अपनी रंडी की गांड … आज फाड़ दे आह आह कितना मजा आ रहा है आह.
यह देख कर अमित ने सपना की चूत में अपना लंड पेल दिया और अब सपना को अपने दोनों छेद एक साथ चुदवाने में बहुत ज्यादा मजा आने लगा.
वह कमर हिलाती हुई बोल रही थी- मैं कब से चाहती थी कि मेरी चूत और गांड एक साथ चोदी जाएं … आह आह चोदो मुझे … मैं तुम्हारी कुतिया हूँ आह आह बहनचोदो और जोर से मारो मेरी चूत और गांड … आह साले छक्के अमित तेरी माँ का भोसड़ा पेल अपना लंड … और तू ऋषव … मेरी गांड फाड़ दे हरामी … आह चोद अपनी रंडी की गांड आह आह्ह आहा … फाड़ दे मेरी चूत आह … फाड़ मेरी गांड आह.
कुछ देर बाद मेरे लौड़े का काम हो गया और मेरे कुछ देर बाद ही अमित का भी काम तमाम हो गया.
हम दोनों के साथ ही सपना का भी पानी निकल गया.
इसके बाद हम तीनों ने आराम किया और सो गए.
एक घण्टे बाद मैंने पुनः उठ कर सपना की गांड मारी.
उस वक्त अमित के लौड़े की हिम्मत जबाव दे गई थी तो वह नहीं उठा, वह बस सपना की चुदाई देखता रहा.
सपना की चुदाई के बाद वह अमित से बोली- चल बे मीठे माल … आज तेरी गांड मारने का मजा भी ले ही लेती हूँ.
अमित खुश हो गया और झट से अपनी अलमारी से स्टेप ऑन डिल्डो निकाल लाया.
उसने खुद अपने हाथ से सपना की कमर पर डिल्डो बांधा और सपना के दूध चूस कर बोला- दीदी, आज मुझे तबीयत से चोदना.
सपना बोली- हां मादरचोद गांडू, आज तेरी गांड का गड्डा न बनाया तो मेरा नाम सपना नहीं है!
मैंने सपना से मजाक किया- डार्लिंग यदि तुमने इस मीठे माल की गांड का गड्डा नहीं बना पाया तो मैं तुम्हें क्या कहूँ?
वह Xxx सेक्सी लड़की हंसने लगी और बोली- जो तेरा मन करे मेरे राजा!
अब अमित ने सपना की कमर पर बंधे डिल्डो में एक स्पेशल क्रीम लगाई जिससे गांड में दर्द नहीं होता था.
सारी तैयारी करने के बाद वह सीधा लेट गया और उसने अपनी दोनों टांगें उठा कर अपने सर की तरफ कर लीं.
ऐसी अवस्था में अमित की गांड एकदम से खुल कर दिखाई देने लगी थी.
सपना बिस्तर के नीचे खड़ी हो गई और उसने अमित की गांड के छेद में थूक लगा कर उंगली चलाई तो अमित की मस्ती भरी आहें निकलने लगीं.
वह कहने लगा- आह दीदी, मस्त उंगली कर रही हो … आह अब कुंडा स्वामी को पेलो!
सपना के मुँह से हंसी छूट गई और वह बोली- साले मीठे आदमी, तूने इस नकली लंड का नाम भी सही रखा है … कुंडा स्वामी … पर आज से मैं इसका नाम बदल रही हूँ अब से तुम इसे गुंडा स्वामी कहना … ठीक है!
अमित बोला- ठीक है दीदी अब मैं इसे गुंडा स्वामी ही कहूँगा.
सपना ने अपने डिल्डो को अमित की गांड के छेद पर लगाया और पेल दिया.
अमित की गांड किसी आटे की लोई की तरह चिरती चली गई और उसकी एक हल्की सी दर्द भरी आवाज निकली- आह दीदी … मां चुद गई आह आह … पेलती जा … रुकना मत!
सपना ने यह सुन कर अपने हाथों से उसके चूतड़ों को पकड़ा और लंड को अन्दर तक ठांस दिया.
अमित की मीठी कराहों ने माहौल मस्त कर दिया था और अब सपना अपनी कमर पर अपने दोनों हाथ रख कर अमित की गांड में लंड को आगे पीछे कर रही थी.
मुझे यह सीन देख कर मजा आ रहा था.
फिर मैंने एक सिगरेट सुलगाई और धुआँ उड़ाता हुआ उन दोनों की चुदाई देखने लगा.
मेरा मूड भी बनने लगा था तो मैंने अपना लंड सपना से या अमित से चुसवाने का सोचा.
तभी सपना ने मुझे इशारा किया और सिगरेट मांगी.
मैंने सिगरेट सपना को दे दी और वह मस्ती से धुआँ उड़ाती हुई अमित की गांड का बाजा बजाने लगी.
उधर मैं उठ कर अमित के मुँह के पास आ गया और अपना लंड उसके मुँह में देकर चूसने को बोला.
वह भी झट से मेरा लंड चूसने लगा और मेरी गोटियों को अपने होंठों से सहलाने लगा.
कुछ ही देर बाद सपना ने अमित की एक टांग पकड़ ली और अमित ने अपने एक हाथ से अपना लंड मुठियाना चालू कर दिया.
बड़ा ही मनोरम दृश्य था.
कुछ देर बाद हम दोनों ही मर्द अपनी कामना पूरी के अंतिम बिन्दु पर आ गए थे और एक अकेली सपना हम दोनों को झड़ता हुआ देखने वाली थी.
मतलब एक चूत के होते हुए दो लंड बिना चूत के सहारे से झड़ने को तैयार थे.
बस कुछ ही पलों में अमित के लंड ने पानी फेंक दिया.
और उसी के ठीक बाद मैंने अमित के मुँह में अपना वीर्य छोड़ दिया जिसे उसने अमृत समझ कर पी लिया.
हम तीनों निढाल होकर लेट गए बाद में उठ कर नहाये.
फिर मैं अपनी सपना रानी को लेकर अपने घर आ गया.