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Hindi Sex Stories – हिंदी सेक्स कहानियाँ

भाई की टाइट गांड मार ली


मैं बारहवीं का छात्र हूँ, उम्र बीस साल है। मेरा लंड आठ इंच लंबा है। शुरू से ही मेरा आकर्षण लड़कियों से ज्यादा लड़कों की तरफ रहा है क्योंकि उनकी कसी हुई गांड चोदने में मुझे बहुत मजा आता है। मैंने तीन-चार बार अपने दोस्त अमित (बिहार) की गांड मारी है, लेकिन उसकी कहानी अगली बार सुनाऊंगा। अभी मैं अपने और भाई रोहन के साथ हुई घटना बताता हूँ।

हम दिल्ली में रहते हैं। छुट्टियों में मैं चाचा से मिलने लखनऊ गया था। वहाँ चाचा और उनका बेटा रोहन मिला। रोहन उन्नीस साल का था और काफी कामुक लग रहा था। वो आईआईटी की तैयारी कर रहा था। पहली नजर में ही उसकी सेक्सी गांड देखकर मैंने ठान लिया कि इसकी गांड मारकर रहूँगा। मैं दस दिन के लिए वहाँ था और इसी दौरान कुछ करना था। पहले भी हम मिलते थे तो एक-दूसरे का मुठ मारते थे, इसलिए लक्ष्य आसान लग रहा था।

एक दिन चाचा ऑफिस गए, हम दोनों घर पर अकेले थे। मैंने सोचा अब बात आगे बढ़ाने का सही समय है। पुरानी यादें ताजा कीं।

मैंने पूछा—रोहन, कोई गर्लफ्रेंड बनी क्या?

वो शरमाकर बोला—नहीं, लेकिन बनानी है!

मैंने कहा—मैं पटवा दूँगा, लेकिन एक काम करना होगा।

वो खुश होकर बोला—जो कहोगे कर दूँगा, अगर कर सका तो!

बात बनने वाली थी कि घंटी बजी। रोहन ने जाकर देखा तो चाचा लौट आए। मैं गुस्से में था। उस दिन बस मुठ मारकर गुजारा।

अगले दिन चाचा गए तो रोहन खुद आया और बोला—भैया, कल कुछ कह रहे थे?

मुझे लगा ये भी वासना में डूबा है। मैंने कहा—हाँ, याद है पहले हम एक-दूसरे का हिलाते थे और एक बार मैंने मुंह में डालने की कोशिश की तो तुम तड़प गए थे।

वो शरमाया और बोला—पुरानी बातें क्यों निकाल रहे हो?

फिर मैंने धीरे-धीरे सेक्सी बातें शुरू कीं। हमने मोबाइल पर ब्लू फिल्म देखी। मेरा लंड खड़ा हो गया लेकिन उसके पर कोई असर नहीं। वो बस मचल रहा था। समझ गया कि रोहन नपुंसक है और गांड मरवाने को बेताब है।

शाम ढल रही थी, मैंने पूछा—मेरा मुंह में लेना है?

वो बोला—मैं तो कब से इंतजार कर रहा था!

उसने मेरी चेन खोली, अंडरवियर के ऊपर से मसला, फिर अंदर हाथ डाला और लंड मुंह में लेकर कुत्ते की तरह चूसने लगा। मेरी उत्तेजना चरम पर थी। थोड़ी देर में मैंने उसके मुंह में झाड़ दिया, वो सब निगल गया और गाल पर टपकी बूंदों को चाट लिया।

शाम को चाचा आ गए। अगले दो दिन मौका नहीं मिला। फिर कमरे में ब्लू फिल्म चला दी। उत्तेजना बढ़ी, हमने किस करना शुरू किया।

मैंने कपड़े उतारे, वो मेरा चूसने लगा। फिर मैंने कहा—तुम भी नंगे हो जाओ!

वो बोला—शर्म आती है, मैं नपुंसक हूँ।

मैंने कहा—पता है, शर्म मत करो, मैं दूसरा मजा दूँगा।

वो नंगा हुआ। मैंने कहा—अब तुम्हारी गांड मारूँगा!

वो बोला—तुम्हारा मोटा है, फट जाएगी!

मैंने समझाया—शुरू में दर्द, फिर बहुत मजा।

वो घोड़ी बना। मैंने देखा छेद पहले से खुला था। उसने बताया तीन दोस्तों ने जबरदस्ती मारी थी लेकिन मजा आया।

मैंने झटका मारा, सिर्फ सुपारा घुसा तो चीखा। मैंने पूरा घुसा दिया। वो चिल्लाया—मादरचोद फाड़ डाली! लेकिन हटाया नहीं।

फिर मैंने जोर-जोर से चोदा। वो साथ देने लगा—चोद मुझे, फाड़ दे! और जोर से! तेरी मां को भी ऐसे मारता है?

उसकी बातों से जोश बढ़ा। फिर मैंने मुंह में झाड़ दिया। उस दिन तीन बार, बाकी दिन रोज मारी।

यह थी मेरी कहानी।

Kahani padhne ke baad apne vichar comments mein zaroor likhein – Raj Kamal

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